गणित
मूल विधि, गणना की शुद्धता और समयबद्ध प्रश्न-चयन पर काम करें।
पूर्ण परीक्षा केवल अंक नहीं बताती; वह यह भी बताती है कि अगला अध्ययन-सत्र कहाँ लगाना चाहिए। सब्जेक्ट-वाइज प्रैक्टिस का उद्देश्य बार-बार होने वाली कमजोरियों को अलग करके सुधारना है।
हर विषय के लिए एक ही अभ्यास शैली उपयोगी नहीं होती। प्रश्न का प्रकार, स्मरण की जरूरत और समय-दबाव के अनुसार अभ्यास बदलना चाहिए।
मूल विधि, गणना की शुद्धता और समयबद्ध प्रश्न-चयन पर काम करें।
रूपरेखा पहचान, विकल्प हटाने और प्रश्न स्किप/रिटर्न डिसीजन का अभ्यास करें।
तथ्यों को विषय-समूह में बाँटें, अंतराल पर स्मरण करें और नए प्रश्नों से पहचान जाँचें।
नियम, अर्थ, वाक्य-प्रयोग और त्रुटि-पहचान को साथ में अभ्यास करें।
सिर्फ अधिक प्रश्न हल करना पर्याप्त नहीं है। प्रयास के बाद समीक्षा, कमजोर क्षेत्र की मरम्मत और रिटेस्ट से ही तैयारी मापने योग्य बनती है।
ठीक उसी पद, चरण या प्रश्नपत्र को चुनें जिसकी तैयारी करनी है।
वेबसाइट पर संबंधित फोकस्ड वेब परीक्षा का गंभीर प्रयास करें; बड़े टेस्ट सीरीज के लिए ऐप में आगे बढ़ें।
केवल कुल अंक नहीं; सेक्शन परिणाम, गलत उत्तर, छोड़े गए प्रश्न और प्रति-प्रश्न टाइमिंग भी देखें।
सब्जेक्ट-वाइज प्रैक्टिस से मूल कमजोरी पर लौटें और छोटे नियंत्रित अभ्यास करें।
नई समयबद्ध परीक्षा से देखें कि वही त्रुटि फिर होती है या नहीं।
वेबसाइट पर फोकस्ड परीक्षा अटेम्प्ट करें, टाइमिंग और रिझल्ट पढ़ें; फिर ऐप में बड़े टेस्ट सीरीज और सब्जेक्ट-वाइज प्रैक्टिस से अगला कदम लें।